मेरठ : उत्तर प्रदेश में करेंसी चेस्ट से नकली नोट मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सहारनपुर के पीएनबी करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने का मामला अभी जांच के घेरे में है। इसी बीच अब मेरठ के एक्सिस बैंक करेंसी चेस्ट में भी लाखों रुपये की नकली करेंसी मिलने से हड़कंप मच गया है। मंगल पांडे नगर स्थित एक्सिस बैंक की शाखा के करेंसी चेस्ट से जांच के दौरान 4 लाख 63 हजार 650 रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। मामले में बैंक प्रबंधक की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सामने मंगल पांडे नगर में स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में करेंसी चेस्ट बना हुआ है। बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से चेस्ट का निरीक्षण किया जा रहा था। इस दौरान 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक अलग-अलग बैंकों से जमा कराई गई रकम की गहनता से जांच और काउंटिंग कराई गई।
काउंटिंग के दौरान अधिकारियों को कुछ नोट संदिग्ध दिखाई दिए। जांच आगे बढ़ी तो बड़ी संख्या में नोट नकली पाए गए। नकली नोट मिलने की जानकारी मिलते ही बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद बरामद नोटों को अलग किया गया और पूरे मामले की जानकारी बैंक प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
500 रुपये के 805 नकली नोट
बैंक की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में नकली नोटों का पूरा ब्योरा भी दिया गया है। कुल 4 लाख 63 हजार 650 रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई है। इसमें 500 रुपये के 805 नोट, 200 रुपये के 142 नोट, 100 रुपये के 279 नोट और 50 रुपये के 97 नोट शामिल हैं।
जांच के दौरान कुछ ऐसे नोट भी मिले हैं, जिन्हें दो हिस्सों में फाड़कर दोबारा चिपकाया गया था। इससे नकली करेंसी के इस्तेमाल और उसे बैंकिंग सिस्टम में पहुंचाए जाने के तरीके को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
दिसंबर 2024 में भी मिले थे नकली नोट
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी करेंसी चेस्ट में दिसंबर 2024 में भी करीब 2 लाख 37 हजार रुपये के नकली नोट पकड़े गए थे। अब दोबारा लाखों रुपये की नकली करेंसी मिलने के बाद बैंक अधिकारियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि आखिर नकली नोट लगातार करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंच रहे हैं।
बैंक प्रबंधन ने खुद भी इस बात की पड़ताल शुरू की कि बरामद नकली नोट किन माध्यमों से चेस्ट में पहुंचे। चूंकि करेंसी चेस्ट में कई बैंक शाखाओं से रकम जमा होती है, इसलिए जांच का दायरा भी बढ़ गया है।
186 शाखाओं से होता है करेंसी का लेनदेन
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सरताज सिंह की तहरीर सिविल लाइन थाने में प्राप्त हुई थी। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने BNS की धारा 178, 179, 180, 181 और 182 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकली नोट किन-किन बैंकों से होकर करेंसी चेस्ट तक पहुंचे। अधिकारियों के मुताबिक, एक्सिस बैंक की करीब 186 शाखाओं से इस करेंसी चेस्ट के जरिए रकम का लेनदेन होता है। ऐसे में पुलिस और बैंक अधिकारियों के सामने नकली नोटों के स्रोत का पता लगाना बड़ी चुनौती है।
सहारनपुर के पीएनबी करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये की नकली करेंसी मिलने के बाद अब मेरठ के एक्सिस बैंक में लाखों रुपये के नकली नोट मिलने से बैंकिंग सिस्टम के जरिए नकली करेंसी के प्रसार को लेकर जांच और गंभीर हो गई है। पुलिस फिलहाल पूरे लेनदेन और नोटों के स्रोत की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

